एक भारत श्रेष्‍ठ भारत कार्यक्रम Innovative ways-COVID 19

COVID-19 की मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर नवोन्‍मेषी तरीकों का उपयोग कर आगे बढ़ाया जाएगा एक भारत श्रेष्‍ठ भारत कार्यक्रम

COVID-19 की मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर नवोन्‍मेषी तरीकों का उपयोग कर सरकार के एक भारत श्रेष्‍ठ भारत कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

यह निर्णय एक भारत श्रेष्‍ठ भारत कार्यक्रम (ABSB कार्यक्रम) के अंतर्गत साझेदार मंत्रालयों के सचिवों की हाल ही में वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्‍यम से हुई एक बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्‍यक्षता मानव संसाधन विकास मंत्रालय में उच्‍च शिक्षा सचिव श्री अमित खरे ने की। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ईबीएसबी कार्यक्रम के लिए नोडल मंत्रालय है। इस बैठक में पर्यटन सचिव श्री योगेंद्र त्रिपाठी; संस्‍कृति सचिव श्री आनंद कुमार; युवा मामलों के विभाग में सचिव श्रीमती ऊषा शर्मा; एसई एंड एल सचिव श्रीमती अनीता करवाल ; माइगोव के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी श्री अभिषेक सिंह और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्रालय तथा खेल विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

प्रतिभागियों का स्‍वागत करते हुए श्री अमित खरे ने कार्यक्रम के अब तक के कार्यान्‍वयन के बारे में जानकारी देते हुए कोविड-19 की मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर नवोन्‍मेषी तरीकों का उपयोग कर इसको आगे बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। एसईएल विभाग में सचिव श्रीमती अनीता करवाल ने भी ठोस परिणाम दर्शाने की जरूरत पर बल दिया।

बैठक के दौरान ईबीएसबी कार्यक्रम की दिशा में अब तक हुई प्रगति के बारे में प्रस्‍तुति पेश की गई।

बैठक में अपने विचार प्रकट करते हुए पर्यटन मंत्रायल में सचिव श्री योगेंद्र त्रिपाठी ने सूचित किया कि पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत संस्‍थाएं पर्यटन से संबंधित विभिन्‍न पहलुओं पर वेबिनार आयोजित कर रही हैं। मंत्रालय ‘’देखो अपना देश’’ श्रृंखला के अंतर्गत वेबिनार आयोजित कर रहा है जिसे माइगोव पोर्टल पर होस्‍ट किया जा रहा है। इन वेबिनार्स में हजारों लोग उपस्थित हो रहे हैं। उन्‍होंने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे वेबिनार विभिन्‍न राज्‍यों के पर्यटन हितधारकों जैसे टूअर ऑपरेटर्स आदि के लिए आयोजित किए जा सकते हैं। सचिव, उच्‍च शिक्षा ने सुझाव दिया कि ‘’देखो अपना देश’’ और अन्‍य वेबिनार्स की रिकॉर्डिंग्‍स शै‍क्षणिक चैनलों पर और ऑनलाइन कक्षाओं में ब्रेक के दौरान  प्रसारित की जानी चाहिए।

संस्‍कृति मंत्रालय में सचिव, श्री आनंद कुमार ने कहा कि वे भी वेबिनार्स का आयोजन कर रहे हैं। उन्‍होंने सुझाव दिया कि विभिन्‍न मंत्रालयों के सभी वेबिनार्स को एक भारत श्रेष्‍ठ भारत के साझा मंच के तहत लाया जाना चाहिए। उन्‍होंने ड्रामा लेखन, पेंटिंग्‍स, स्‍मारकों के वर्चुअल टूअर्स आदि जैसे विभिन्‍न विषयों पर ई-कार्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया।

उन्‍होंने बताया कि संस्‍कृति मंत्रालय ने ई-हैरिटेजपीडिया और ई-आर्टिस्‍ट पीडिया विकसित करने की पेशकश की है। उन्‍होंने सुझाव दिया कि विख्‍यात कलाकार अपनी कला सिखाने के लिए वर्चुअल कार्यक्रम मॉड्यूल्‍स भी कर सकते हैं।  एसईएल विभाग में सचिव ने इस विचार का स्‍वागत किया और कहा कि  वर्ली और मधुबनी पेंटिंग्‍स जैसी मौलिक कलाओं से संबंधित कक्षाओं में स्‍कूल बहुत दिलचस्‍पी लेंगे।

युवा मामलों के विभाग में सचिव श्रीमती ऊषा शर्मा ने ईबीएसबी कार्यक्रमों के संचालन के लिए डिजिटल मीडियम के उपयोग की सराहना की । उन्‍होंने कहा कि इन कार्यक्रमों की पहुंच व्‍यापक रूप में बढ़ाई जा सकती है। उन्‍होंने विभिन्‍न विभागों द्वारा तैयार डिजिटल सामग्री को साझा करने का भी सुझाव दिया। सचिव, एचई ने सुझाव दिया कि सभी मंत्रालयों की जानकारी को एकल मंच पर संग्रह किया जाना चाहिए। एसईएल विभाग में सचिव ने सुझाव दिया कि उन्‍हें डिजिटल प्‍लेटॅफॉर्म पर होस्‍ट किया जा सकता है।

माइगोव डॉट इन के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि वे विभिन्‍न भाषाओं में 100 वाक्‍य सीखने के लिए एक मोबाइल एप विकसित कर रहे हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि माइगोव विभिन्‍न विभागों के वेबिनार होस्‍ट कर सकता है और उनके कार्यक्रमों के बारे में सूचना का भी प्रसार कर सकता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव श्री विक्रम सहाय ने सुझाव दिया कि टीवी, रेडियो और प्रिंट मीडिया द्वारा साझा की जा रही विभिन्‍न राज्‍यों की सूचनाओं के अलावा प्रत्‍येक राज्‍य की अच्‍छी पद्धतियों और सफलता की कहानियों को भी साझेदार राज्‍यों के साथ साझा किया जा सकता है। उन्‍होंने सुझाव दिया कि सभी विभाग अपने डिजिटल संसाधनों को एकत्र कर सकते हैं और डीडी न्‍यूज अपने साप्‍ताहिक ईबीएसबी कार्यक्रम का उपयोग गंतव्‍य आधारित कार्यक्रमों को होस्‍ट करने में कर सकता है। जेएस (आईसीसी) सुश्री नीता प्रसाद ने सुझाव दिया कि प्रत्‍येक मंत्रालय व्‍यापक कवरेज पाने के लिए अपने भा‍वी मासिक कार्यक्रम अग्रिम रूप से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ साझा करे।

रेल मंत्रालय में कार्यकारी निदेशक, श्रीमती वंदना भटनागर ने विभिन्‍न ईबीएसबी कार्यक्रमों में भाग लेने वाले तथा लोगो डिस्‍प्‍ले, रेलवे की सम्‍पत्ति पर वीडियो डिस्‍प्‍ले आदि  करने वाले छात्रों को दी जाने वाली रियायतों की जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि ट्रेनों की नियमित आवाजाही शुरु होने पर इन गतिविधियों को नए सिरे से अंजाम दिया जाएगा।

गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्रालय और खेल विभाग के अधिकारियों ने लॉकडाउन से पहले की गई गतिविधियों तथा शुरु की जाने के लिए प्रस्‍तावित गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

बैठक के अंत में सचिव, एच ई ने कार्रवाई करने योग्‍य निम्‍नलिखित महत्‍वपूर्ण बिंदुओं की संक्षेप में जानकारी दी :

  1. प्रत्‍येक प्रतिभागी मंत्रालय/विभाग द्वारा ईबीएसबी के अंतर्गत गतिविधियां संचालित करने के लिए डिजिटल माध्‍यमों का रुख करना।
  2. व्‍यापक प्रसार के लिए एक भारत श्रेष्‍ठ भारत विषयों पर वेबिनार आयोजित करना।
  3. एक भारत श्रेष्‍ठ भारत डिजिटल संसाधनों के लिए साझा संग्रह तैयार करना, जिनका उपयोग प्रत्‍येक मंत्रालय द्वारा किया जा सकेगा। इस संग्रह को साझा पोर्टल पर होस्‍ट किया जा सकता है।
  4. संशोधित संचार योजना तैयार करने की जरूरत है और ईबीएसबी पर दूरदर्शन का 30 मिनट का साप्‍ताहिक कार्यक्रम सभी मंत्रालयों से प्राप्‍त जानकारी के साथ गंतव्‍य आधारित होना चाहिए।

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Source: PIB

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